ए खुदा मेरे हक में दुआ करने वालो में
इक इनका भी नाम लिख लीजो।
आदमी देखने में तो ये भी भला लगता है,
मेरे बारे में अच्छा ही सोचता होगा।

और मेरी सज़ा तय करने से पहले,
मेरे इन दोस्तों से और पूछ लीजो।
रकीबों के मुंह से तो दुआ निकली थी,
फिर कौन है जो मेरे बारे में बुरा सोचता होगा।

एक एक करके जब सब कुछ छिनने लगा मुझसे,
मैं बोला एक बार मेरी भी मन्शा पूछ लीजो।
वो जो भीष्मपितामह ने प्राण त्यागे थे,
क्या मैं भी अमर हूं वो मेरे बारे में क्या सोचता होगा।

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Does matter of upper hand define superiority? ‘Love is divine’ is the name of Complex/society  in which my apartment is where I reside.

उजालों में अब वो उजालों वाली बात नहीं रही,
शाम ढल रही है मेरी ऑखे भी अब वैसी नहीं रही।

वो जो उदासी तुम छोड़ गये थे मेरे दरवाजे कभी
वो इतनी मैच्योर हो चुकी है पहले जैसी नही रही।

वही उदासी अब जब भी तुम्हारे बारे में पूछती है
दरवाजे पर दौलत की सांकल रहती है इज्ज़त नहीं रही।

Like a journey from baby girl to motherhood

रोज़ डाल पर सारी रात

दुख से जुझता हुआ

जैसे कोई कैटरपिलर

दर्द को छोड़ वहीँ पँख लगा

तितली बन फुर्र से उड़ जाता है।

जैसे कोई प्रसव-पीड़ा के तुरन्त बाद

बगल में लेटी नन्ही जान

माँ को हर्षित कर जाती है,

आधा दर्द बांटने वाला

जैसे कोई फरिश्ता आ जाता है।

सम्भालकर रक्खा था मुट्ठी में, टूटकर पत्ती-पत्ती गुलाब हो गया।। वो मेरी बांहों में था सिमटा हुआ, और जब बिखरा तो शबाब हो गया।

वो टूट कर प्यार कर रहा है

या नोच रहा है

बेसब्री का आलम है या

इन्तेहा प्यार की।


उसे बांहों में भर

मै जब उन्हे समेटना चाहूं,

फिर उसका बिखरना देख

वो घड़ियां थी सबरो-करार की।


मेरी व्याख्या

और तेरा दृष्टिकोण

मिल कर उभारते हैं तस्वीर

उस इत्तेफाक की.

पकाना जलाना भूनना, इस आग के तरीके देखो। कभी माथे पर लगाकर भस्म भी देखो।।

ये मेरे आराम में किसने खलल डाला,
ये किसने मेरा ख्याल बदल डाला।
किस्मत के तवे पर कुछ सिकने सा लगा था,
गम की भांप को किसने चिमटे से दबा डाला।
फूला न समाता था गमों में गुबार मेरा,
इस तन्दूर ने मेरे गमों का फुल्का जला डाला।

वो शिकन उसके माथे पर पहले तो न आती थी,
इस रुह को पैराहन की सिलवटों ने मार डाला।
ये ख्वाबों में हदें कब से बंटने लगी,
ये करवटों ने कैसे  पासा पलट डाला।

He found her by unknown writer.  My version try to define that is lost

He found her.
 then lost her.
He then found her….

But this time in others’ stories.
(Writer unknown )

उसने उसको ढूंढ लिया पर उसे पाया नहीं,
पाकर उसे खोया, जो कभी मिला नहीं।

मै उसके रंग में था वो मेरे,वो मैं था ही नहीं,
जब दोनो एक हो गये, कोई दूसरा मिला नहीं।

किस्सों में मिलता था, बिखरा सा यहां वहाँ,
कसक सी उठी कहीं याद सा चुभा नहीँ।

इक हादसे में चकनाचूर हुआ किर्च सा चिपका हुआ,
विन्डस्क्रीन थी सड़क पर, शीशा था टूूूटा नहीं।