किस्सा किस्सागो और किस्सागोई का

कोई भूखा न सोए, माता रोई,

झूठ सच्च की एक रसोई।

किस्सा किस्सागो और किस्सागोई,

सब यही़ं पकेगा एक रसोई‌‌।

ये जो सच्ची कहानी मैं सुनाने जा रहा हूं ये मैंने नहीं लिखी है पर खैर छोड़ो …..मैं कहानी पर आता हूं।

इस कहानी को संकेतों में जीवित रख रहा हूं जो कि सत्यापित प्रति की मार्फत एक कैप्सूल में बंद करके एक गर्त में दबा दी जाती।  रोचक और अपने फायदे के लिए सच्चा किरदार दफन हो ही गया था और ज़माना अन्जान था‌। 

पर……उस अल्लाह को कौन override कर रहा था…

” सियासत गर अजब चीज है,

पर उसकी नियामत के आगे सब नाचीज़ हैं।”

तो फिर अल्लाह को override कौन कर रहा है…

फिर दो चलचित्र छाए संसार के पटल पर ‘The Kashmir Files” और “Rocketeer” the Nambee effect 

उसके न्याय में देर है अन्धेर नहीं है,

अंत भले का भला कि यही सच्चाई है महज़ कोई कहानी नहीं है।

मैं “मौन” हूं

मैं “मौन” हूं

मेरी ज़बान खींच ली है।

मैं गौण* हूं,

मैं तस्वीर हूं मेरी खुश्बू खींच ली है।

पानी का प्रतिबिंब हूं सरापा** हूं,

तपती धूप ने जैसे साए की सांस भींच ली है।

*अपने मूल अर्थ से भिन्न।

**मृगतृष्णा miraz

जहांगीर पुरी में हिन्दू मुस्लिम सोहार्द के लिए तिरंगा यात्रा निकल रही है,हे भगवान या अल्लाह ये बुलडोज़र के डर से कैसी कैसी दिवारें गिर रही हैं।

जहांगीर पुरी में हिन्दू मुस्लिम सोहार्द के लिए तिरंगा यात्रा निकल रही है,

हे भगवान या अल्लाह ये बुलडोज़र के डर से कैसी कैसी दिवारें गिर रही हैं।

लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है’…….. राहत इन्दौरी

मैं जब रात के बाद काफिले के साथ आगे बढ़ा तो

हमसे ये चूल्हे न तोड़े गए 

ये रास्ता सबका सहल हो एक मेरा सफ़र थोड़े ही है।

-राकेश कुमार डोगरा-