भस्मासुर से पंचतन्त्र तक: लोकतन्त्र का एक सन्देश

बचपन मे एक कहानी पढी थी कि भस्मासुर ने लम्बी तपस्या के बाद शिवजी भगवान को प्रसन्न किया और ये वर प्राप्त किया कि वह जिसके भी सिर पर हाथ रख देगा वो भस्म हो जाएगा। Continue reading

उर्दू शायर मुनव्वर राणा ने लौटाया साहित्य अकादमी सम्मान

Munawwar Ranaaaa

मै मुनव्वरजी को बडे अदब से सुनता हूं। ईन्सानी रिश्तों को बारिकियों से बुनने के इकलौते शांयर है। मै अपने कुछ ख्याल रखना चाहता हूं:

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मयखाने में आलमी चर्चा : कुछ मेरी सुन कुछ अपनी सुना

Credit: Deviantart

 सोचा एक ग्लोबल चर्चा रखी जाए और वो भी मयखाने में. जहाँ मुद्दे की कोई बंदिश नही. सब जी खोलकर किसी भी टॉपिक पर बात कर सकते थे। 

वेन्यू : मद्र्से (स्कूल के करीब दो सौ मीटर दूर) एक बोर्ड मयखाने का रास्ता दिखा रहा था,

कोई भटकेगा नही एक तीर उंगली के इशारे में  राह दिखा रहा था। 

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