[ कुछ तो ऐसा कर जो होके भी बाकी रहे, अधूरी न रहे, पूरा होने में अभी भी निखरने की गुंजाइश छोड़ी है। 51.jpeg]

image

[Image 51.jpeg]
कुछ तो ऐसा कर जो होके भी बाकी रहे, अधूरी न रहे,
पूरा होने में अभी भी निखरने की गुंजाइश छोड़ी है।

गोर* तलब है, और तसल्लियॉ मरने नहीं देगी,
हम भी इन्तजाम कर चले, पिछवाड़े रूदालियॉ रख छोड़ी हैं।
बहुत ताकत लगती है जब रोऑ रोऑ रोता है,
कुछ सहूलतें बुजुर्गो* ने सरकार से मॉग छोड़ी हैं।

गोर-कब्र
बुज़ुर्ग- senior citizen
रूदालियॉ- किराए पर रोने वालियॉ

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s