पहली बारिश नये साल की भिगोने निकली, उस बौछार की क्या कहिए छतरी में भिगोने निकली।

मुबारक हो मौसम विभाग की पहली बारिश की भविष्य वानी सच निकली ,
ईधर हवाओं का दवाब मुझे रोने का सुख समझाने निकली ।

भरी बरसात में भीगने का मज़ा गम को छुपाता कैसे 
नम आँखें लिए बरसात के पानी में वो घर से शराब बनाने निकली।

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