Aaj ka vichaar

​आज का विचार : A friend in need is …….

मुझे अमीर लोगों से दोस्ती में परहेज हैं. जाने क्यों कुछ दूर चलने पर मेरी सोच से वो पिछड़ने लगता है हालाँकि उसके पास वो सब कुछ है जिससे वो सब खरीद सकता है जो खरीदा जा सकता है या यूँ कहें जो बाजार में है वो सब खरीद सकता है.

खाता वो भी दो रोटी है और मैं शायद तीन खाता हूँ क्योंकि जिसके पास कम पैसा है उसे भूख शायद ज्यादा लगती है. उस धनी के पास अगर पैसा बर्बाद करने के लिए पैसा न हो तो उसे बैचेनी हो जाती है. मेरी प्राथमिकताएं अलग हैं. मेरे पास पैसे होता है चाहें मै जीवन के किसी भी पड़ाव पर हूँ मैंने अगर जनम दिन भी बनाना हो तो मैं पैसे होते हुए भी बजाए अच्छे होटल में हज़ार रूपये का खाना खाने के बजाय सस्ते होटल में दो सौ रुपए का खाना खाकर बाकी पैसों में किन्ही दो गरीबों को खाना खिलाकर चार सो रुपए बचा सकता हूँ. ऐसे सोच वाले धनाड्य कम ही मिलते हैं.

पर हाँ ऐसी बात नहीं हैं की मेरे दोस्तों में अमीर लोग नहीं हैं. जरूर हैं मेरी जैसी सोच वाले. नहीं तो ये तो मैं कह सकता हूँ कम से कम जब वो मेरे साथ होते हैं तो मेरे जैसे होते हैं. और जो पैसे वाले नहीं हैं वास्तव में वो दोस्ती के मामले में सबसे ज्यादा अमीर हैं.

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6 thoughts on “Aaj ka vichaar

  1. Me bilkul waqif rakhta hoon aap aur mere jese logo se. Aaj mere pass bhi bhagwan Ka diya, achhi parvarish, acche sanskar, acchi padhai, society me ek naam sab kuch hain. Magar, me aaj bhi apne aap ko kuch Nahi Samajta, bas yahi soch kar ki mere andar wo khokhla ghamand na aajaye Jo muje apni chose karne se roke. Me darta hoon un badi badi baato se Jo me keh kar mukar na jau.

    Paise ko kabhi mulya Mene itna diya nahi,

    chahat me bas dilwalo ki rakhta hoon.

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