तेरी सोहबतों पर इलज़ाम था, ज़माने से लड़ गया था मैं,                       कि तू जब से छोड़ के गया है शराब पीने लगा हूँ मैं ।

तेरी सोहबतों पर इलज़ाम था, ज़माने से लड़ गया था मैं,
तू जब से छोड़ के गया है लोग कहते हैं शराब पीने लगा हूँ मैं ।

शौक और आदत में फ़र्क़, बरगलाने लगी है लत,
बोली अंधेरे साम्राज्य में दिया सा जलाने लगी हूँ मैं ।

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3 thoughts on “तेरी सोहबतों पर इलज़ाम था, ज़माने से लड़ गया था मैं,                       कि तू जब से छोड़ के गया है शराब पीने लगा हूँ मैं ।

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