सूरत देखी, सीरत परखी। चाल चल गये, चलन दबाए बैठे हैं।।

बुरा तो वो भी बहुत है मेरा दुश्मन मेरी तरह,
फ़र्क़ ये है कि दोनों आईना जुदा लिए बैठे हैं 

बड़ा खुदगर्ज़ बेमुरव्वत* जालिम है ये ज़माना,
खूबसूरती पर मरते हैं और नक़ाब की दुकान  किये बैठे है.
बेमुरव्वत * अवसरवादी 

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